टाइफाइड समाधान

टाइफाइड बुखार

टाइफाइड बुखार

टाइफाइड कोई आसान बुखार नही होता।
इसका नाम ही विषम ज्वर या मियादी बुखार होता है, ये कभी कभी साल भर भी चलता रहता है मरीज दवा खाता है तो बुखार उतर जाता है उसके बाद फिर चढ़ जाता है।
साधारण बुखार बिगड़ कर टाइफाइड बन जाता है।
कभी कभी यही बुखार दिमाग में चढ़ कर पागलपन के दौरे का भी कारण बनता है।
इसमें शरीर पर गर्दन के आस पास और सीने पर महीन रेत की तरह चमकीले दाने उभर आते हैं जो लेंस से दिखाई देते हैं।
इस बुखार में जितना अन्न खाते हैं बुखार उतना ही बढ़ता है।
इसलिए आयुर्वेदिक् उपचार में मरीज का अन्न और नमक बंद कर दिया जाता है।
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मियादी बुखार का कारण क्या है

टाइफाइड में लिए दिए जाने वाले आहार

टाइफाइड में लिए दिए जाने वाले आहार
  • तरल पदार्थ बच्चों को अधिक मात्रा में दें, जैसे फलों का रस, सब्जियों का सूप दें।
  • दूध और उससे बने आहार बच्चे को दें।
  • पौष्टिक आहार जैसे मीट, फिश, अंडे आदि रेशे युक्त फल, सब्ज़ियाँ जैसे - पालक, गोभी, गाजर आदि। 
  • मीठा आहार बच्चे को खिलाएं, जिससे उसके आँतों को आराम मिले।
  • तले भुने तथा अधिक मिर्च - मसाले वाले भोजन बच्चे को न खिलाएं।
  • गैस बनाने वाले आहार बच्चे को न खिलाएं।
  • केला, पपीता, शक्करकंद तथा खड़े अनाज जैसे - चावल, मक्का, आदि बच्चे को न दें।
  • बच्चे को ऐसे आहार दें जिसे वह आसानी से पचा सके। उबला आहार ही बच्चे को खिलाएं।