कॉपीराइट क्‍या है ?

क्या स्वामित्व के अधिकार को अंतरित करना संभव हॆ?

जी हां, लिखित निबंधनों एवं शर्तों के अनुसार समनुदेशन (असाइन्मेंट), करार, प्रेषण के माध्यम से अथवा विधि के परिचालन द्वारा उक्त अधिकार को अंतरित किया जा सकता हॆ। तथापि कतिपय बाध्यकारी शर्तें, जोकि डिज़ाइन के पंजीकरण को सुरक्षित करने से संबंधित न हों, को संविदा/करार, इत्यादि के निबंधनों एवं शर्तों में शामिल नहीं किया जाना चाहिये। फ़ार्म 10 पर एक आवेदनपत्र एक डिज़ाइन हेतु रु 500/- के शुल्क सहित तथा रु.200 / - प्रत्येक अतिरिक्त डिजाइन के लिए हस्तांतरण दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए, लाभार्थी द्वारा नियंत्रक करने के लिए बनाया उपकरणों के निष्पादन की तारीख से या आगे नहीं कुल में छह महीने से अधिक अवधि के भीतर छह महीने के भीतर आवश्यक है. पंजीकृत होने के साधन के एक मूल / नोटरी प्रतिलिपि आवेदन के साथ संलग्न किया जानाआवश्यक है.

स्‍वत्‍वाधिकार (कॉपीराइट) क्‍या है ?

स्‍वत्‍वाधिकार कानून द्वारा साहित्‍यिक, नाट्यक्षेत्र, संगीत व कलात्‍मक कार्यों के सर्जकों एवं सिनेमेटोग्राफ फिल्‍मों एवं ध्‍वन्‍यांकन के निर्माताओं को दिया गया एक अधिकार है । वस्‍तुत: इसमें कई अधिकार शामिल हैं, जिनमें अन्‍य बातों के साथ साथ, कार्य के पुनरुत्‍पादन, जनता को संचार संबंधी, अनुकूलन एवं अनुवाद के अधिकार शामिल है । कार्य के अनुसार, अधिकारों के संघटन में कुछ परिवर्तन हो सकते हैं ।

मेरी वेबसाइट हेतु स्‍वत्‍वाधिकार पंजीकरण कैसे प्राप्‍त किया जा सकता है ?

किसी वेबसाइट में कई कार्य शामिल होते हैं जैसे साहित्यिक कार्य, कलात्‍मक कार्य (फोटोग्राफ आदि), ध्‍वनि अंकन, वीडियो क्लिप, सिनेमेटोग्राफ फिल्‍में एवं प्रसारण तथा कंप्‍यूटर सॉफ्टवेयर । अत:, इन सभी कार्यों के पंजीकरण हेतु एक अलग आवेदन प्रस्‍तुत किया जाना आवश्‍यक है ।

किसी कार्य के पंजीकरण हेतु स्‍वत्‍वाधिकार अधिनियम, 1957 के अंतर्गत कितना शुल्‍क है ?

विवरण हेतु कृपया होम पेज पर शुल्‍क विवरण   लिंक पर जाएं । शुल्‍क स्‍वत्‍वाधिकार पंजीयक के पक्ष में नई दिल्‍ली पर देय लिखत के माध्‍यम से दिया जा सकता है । आवेदन के निरस्‍त होने पर शुल्‍क वापस नहीं किया जाएगा ।  

 

स्‍वत्‍वाधिकार अधिनियम, 1957 में संरक्षण का क्षेत्र क्‍या है ?

स्‍वत्‍वाधिकार अधिनियम, 1957 मौलिक साहित्यिक, नाट्य, गायन एवं कलात्‍मक क्षेत्र के कार्यों एवं सिनेमेटोग्राफ फिल्‍मों एवं ध्‍वन्‍यांकनों को अनधिकृत उपयोग से बचाता है । एकस्‍व (पेटेंट) के विपरीत, स्‍वत्‍वाधिकार अभिव्‍यक्तियों को संरक्षित करता है, न कि खोजों को । नए विचारों, प्रक्रियाओं, परिचालन की विधियों या गणितीय संकल्‍पनाओं के लिए कोई स्‍वत्‍वाधिकार संरक्षण नहीं है (कृपया ट्रिप्‍स का अनुच्‍छेद संख्‍या 9.2 देखें)।

स्‍वत्‍वाधिकार कार्यालय में मेरे कार्य के पंजीकरण हेतु प्रतीक्षा अवधि कितनी होगी ?

आपके आवेदन जमा करने और डायरी संख्‍या मिलने के बाद आपको 30 दिनों की अनिवार्य अवधि तक प्रतीक्षा करनी होगी, ताकि संबंधित कार्य आपके द्वारा किए जाने के आपके दावे के विरुद्ध स्‍वत्‍वाधिकार कार्यालय में कोई आपत्ति दर्ज न कराई गई हो । यदि ऐसी कोई आपत्ति दर्ज हो, तो दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर देने के बाद, स्‍वत्‍वाधिकार पंजीयक को कार्य के पंजीकरण के संबंध में निर्णय करने में 1 माह और लग सकता है ।

यदि कोई आपत्ति दायर की है आवेदन परीक्षकों से जांच के लिए चला जाता है. अगर कोई विसंगति पाया जाता है आवेदक को 30 दिन का समय दिया जाता है । इसलिए 2 से 3 महीने, किसी भी काम के पंजीकरण के लिए समय लग सकता है । आवश्यक जानकारी प्रदान करने में आवेदक के सहयोग महत्वपूर्ण बात है

क्‍या मैं किसी कार्य के पंजीकरण हेतु सीधे अपना आवेदन प्रस्‍तुत कर सकता हूं ?

हां । कोई भी व्‍यक्ति जो एक लेखक, अधिकार स्‍वामी या अधिदेशिती या कानूनी उत्‍तराधिकारी हो, स्‍वत्‍वाधिकार कार्यालय में या डाक से या स्‍वत्‍वाधिकार कार्यालय की वेबसाइट  पर ईफाइलिंग सुविधा के माध्‍यम से आवेदन कर सकता है ।

क्‍या स्‍वत्‍वाधिकार स्‍वत्‍वों एवं नामों पर लागू होता है ?

स्‍वत्‍वाधिकार सामान्‍यत: शीर्षकों को या नामों, अल्‍पाक्षर संयोजनों, नारों, लघु कथनों, विधियों, योजनाओं या तथ्‍यगत सूचना को संर‍क्षित नहीं करता । स्‍वत्‍वाधिकार आइडिया या संकल्‍पनाओं को संरक्षित नहीं करता । स्‍वत्‍वाधिकार से रक्षित होने हेतु कार्य का मौलिक होना जरूरी है ।

क्‍या पंजीकरण के निरस्‍तीकरण संबंधी सभी मामलों में सुनवाई का अवसर दिया जाता है ?

हां । प्राकृतिक न्‍याय के सिद्धांतों के अनुसार किसी को भी बिना सुने सजा नहीं दी जा सकती । स्‍वत्‍वाधिकार नियमों 1958 के नियम 27 के अनुसार, सुनवाई का अवसर दिए बिना कोई आवेदन अस्‍वीकृत नहीं किया जाता । आवेदक स्‍वयं या उसका पैरोकार सुनवाई में उपस्थित हो सकता है । स्‍वत्‍वाधिकार अधिनियम, 1957 की धारा 72 के अनुसार, स्‍वत्‍वाधिकार पंजीयक के अंतिम निर्णय या आदेश से व्‍यथित कोई व्‍यक्ति, उस आदेश या निर्णय की तिथि से 3 माह के अंदर, स्‍वत्‍वाधिकार बोर्ड को अपील कर सकता है ।

स्‍वत्‍वाधिकार अधिनियम के अंतर्गत किसी कार्य के पंजीकरण के संबंध में क्‍या दिशानिर्देश हैं ?

स्‍वत्‍वाधिकार नियम, 1958, यथासंशोधित का अध्‍याय VI  किसी कार्य के पंजीकरण हेतु प्रक्रिया निर्धारित करता है । इस अधिनियम व नियमों की प्रतियां प्रकाशन प्रबंधक, प्रकाशन शाखा, सिविल लाइंस, दिल्‍ली या उनके अधिकृत डीलरों को भुगतान कर प्राप्‍त की जा सकती हैं अथवा इन्‍हें स्‍वत्‍वाधिकार कार्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है । 

क्‍या अप्रकाशित कार्य पंजीकृत किए जाते हैं ?

हां ।  प्रकाशित व अप्रकाशित दोनों तरह के कार्य पंजीकृत किए जा सकते हैं । 21 जनवरी 1958, अर्थात स्‍वत्‍वाधिकार अधिनियम, 1957 के लागू होने से पूर्व प्रकाशित कार्य भी पंजीकृत किए जा सकते हैं, बशर्ते कार्य को अब तक स्‍वत्‍वाधिकार प्राप्‍त हो । आवेदन के साथ प्रकाशित कार्य की तीन प्रतियां भेजी जानी चाहिए । यदि पंजीकृत किया जाने वाला कार्य अप्रकाशित हो, तो पांडुलिपि की एक प्रति आवेदन के साथ भेजी जानी चाहिए, ताकि पंजीकरण के सबूत के तौर पर, इसपर स्‍वत्‍वाधिकार कार्यालय की मुहर लगाई जा सके ।

जब एक काम अप्रकाशित रूप में पंजीकृत किया गया है और बाद में इसे प्रकाशित किया है, तो आवेदक निर्धारित शुल्क के साथफार्म V में कॉपीराइट के रजिस्टर में प्रवेश विवरण में परिवर्तन के लिए आवेदन कर सकते हैं.

और कॉपीराइट के पंजीकरण के लिए पंजीकरण शुल्क की प्रक्रिया एक ही है.

 

किसी कार्य के स्‍वत्‍वाधिकार के पंजीकरण हेतु आवेदन कहां प्रस्‍तुत किए जा सकते हैं ?

स्‍वत्‍वाधिकार कार्यालय सभी तरह के कार्यों हेतु पंजीकरण सुविधाएं प्रदान करने हेतु गठित किया गया है और स्‍वत्‍वाधिकार पंजीयक इसके प्रमुख हैं । यह चतुर्थ तल, जीवनदीप भवन, संसद मार्ग, नई दिल्‍ली - 110 001 में स्थित है । कार्यों के पंजीकरण हेतु आवेदन स्‍वत्‍वाधिकार कार्यालय के काउंटर पर सोमवार से शुक्रवार तक 2.30  से  4.30 बजे के बीच जमा‍ किए जा सकते हैं । आवेदन डाक द्वारा भी स्‍वीकार किए जाते हैं ।

क्‍या कंप्‍यूटर सॉफ्टवेयर या कंप्‍यूटर प्रोग्रामों का पंजीकरण संभव है?

हां । कंप्‍यूटर सॉफ्टवेयर या प्रोग्रामों को ‘साहित्‍यिक कार्य’ के रूप में पंजीकृत किया जा सकता है । स्‍वत्‍वाधिकार अधिनियम, 1957 की धारा(ओ)  के अनुसार,  ‘साहित्‍यिक कार्य’ में, कंप्‍यूटर डाटाबेस सहित कंप्‍यूटर प्रोग्राम, तालिकाएं एवं संकलन शामिल हैं । सॉफ्टवेयर उत्‍पादों के स्‍वत्‍वाधिकार के पंजीकरण आवेदन के साथ  ‘स्रोत कोड’ भी प्रस्‍तुत किया जाना चाहिए ।

स्‍वत्‍वाधिकार अधिनियम, 1957 के अंतर्गत किसी कार्य के पंजीकरण की क्‍या प्रक्रिया है ?

पंजीकरण की पक्रिया निम्‍नवत है :

  • )  नियमों की प्रथम अनुसूची में दिए गए अनुसार पंजीकरण का आवेदन फार्म IV ( सभी विशिष्‍टताओं की विवरणी सहित) में दिया जाना चाहिए ;
  • ) प्रत्‍येक कार्य के पंजीकरण हेतु अलग आवेदन किया जाना चाहिए;
  • )  प्रत्‍येक आवेदन के साथ नियमों की दूसरी अनुसूची में विहित आवश्‍यक शुल्‍क जमा किया जाना चाहिए ; तथा
  • घ) आवेदन आवेदक द्वारा हस्ताक्षरित होना चाहिये या पक्ष जिसका पावर अटार्नी के वकील निष्पादित किया गया है ।  अटार्नी की शक्ति पार्टी द्वारा हस्ताक्षर किए और वकील द्वारा स्वीकार किए जाते हैं भी संलग्न होना चाहिए । 

 

क्‍या स्‍वत्‍वाधिकार हेतु किसी कार्य को पंजीकृत कराना आवश्‍यक है ?

नहीं । स्‍वत्‍वाधिकार की प्राप्ति स्‍वत: होती है और इसके लिए कोई औपचारिकता जरूरी नहीं है । जैसे ही कोई कार्य सृजित किया जाता है, स्‍वत्‍वाधिकार आरंभ हो जाता है और स्‍वत्‍वाधिकार लेने हेतु कोई औपचारिकता आवश्‍यक नहीं है । तथापि, स्‍वत्‍वाधिकार के पंजीकरण का प्रमाणपत्र एवं उसमें दर्ज प्रविष्टियां, स्‍वत्‍वाधिकार के स्‍वामित्‍व संबंधी कोई विवाद होने की स्थिति में कानून के समक्ष प्रथम दृष्‍टया सबूत के रूप में कार्य करती है ।